बार-बार असफल होने के बाद भी उठकर चलने की शक्ति कैसे जगाएं

असफलता का दर्द सबसे गहरा तब होता है जब हम बार-बार कोशिश करते हैं और फिर भी नतीजा वही रहता है। उस समय मन में एक आवाज़ आती है — अब छोड़ दो यह तुम्हारे बस की बात नहीं। यह आवाज़ हमारे आत्मविश्वास की सबसे बड़ी शत्रु है। पर जो लोग इस आवाज़ को अनसुना करके उठे वही आगे बढ़े। इस बात में हम सीखेंगे कि असफलता को सीढ़ी बनाने की कला क्या है।
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Tippanis (5)

Ravi_6914 1,955 ✨ 8 mahine pehle
मैंने तीन बार एक ही परीक्षा दी और तीनों बार नाकाम रहा। अब चौथी बार कोशिश करने का मन नहीं करता। क्या यह कायरता है?
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Kavya_4281 15,704 ✨ 8 mahine pehle Jawab
यह कायरता नहीं थकान है। पर थकान अस्थायी होती है और हार स्थायी। एक छोटा विराम लें और फिर तय करें।
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Sachin_7634 11,497 ✨ 8 mahine pehle Jawab
तीन बार कोशिश करना खुद में साहस की बात है। चौथी बार में आपके पास तीन गुना अनुभव है।
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Hema_5193 2,947 ✨ 8 mahine pehle
क्या हर असफलता से कुछ सीखा जाता है या कभी-कभी यह सिर्फ दुर्भाग्य होता है?
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Rajesh_8427 19,427 ✨ 8 mahine pehle Jawab
दोनों सच हैं। कभी परिस्थिति का दोष होता है और कभी हमारी कमज़ोरी। पर दोनों ही स्थितियों में कुछ सीखना संभव है।
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Usha_3861 9,886 ✨ 8 mahine pehle Jawab
असफलता में सबक ढूंढना एक कला है। जो यह कला सीख लेता है उसके लिए हर असफलता एक पाठशाला बन जाती है।
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Girish_7248 18,671 ✨ 8 mahine pehle
मेरे पास रोने का भी वक्त नहीं था जब मेरा काम डूबा। बस उठना पड़ा। क्या मज़बूरी में उठना और चुनाव में उठना एक जैसा है?
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Bindu_4937 11,513 ✨ 8 mahine pehle Jawab
दोनों उठना ही है। पर जब आप चुनाव में उठते हैं तो आत्मविश्वास बढ़ता है। मज़बूरी में उठने पर भी आप खुद को साबित कर देते हैं।
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Naresh_6183 12,557 ✨ 8 mahine pehle Jawab
मज़बूरी में उठे तो भी आप उठे — यही सबसे बड़ी बात है। कारण बाद में समझ आता है।
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Chitra_8346 10,271 ✨ 8 mahine pehle
असफलता के बाद लोग दया दिखाते हैं और वह दया और भी तोड़ देती है। ऐसे में क्या करें?
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Hemant_2794 1,398 ✨ 8 mahine pehle Jawab
लोगों की दया से खुद को परिभाषित मत करने दें। उनकी दया उनकी सीमा है आपकी नहीं।
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Pratibha_5861 3,275 ✨ 8 mahine pehle Jawab
इस दया को इंधन की तरह इस्तेमाल करें — मन में ठान लें कि जब अगली बार मिलेंगे तो तस्वीर बदली होगी।
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Sunil_3748 19,046 ✨ 8 mahine pehle
क्या कभी कोई ऐसा भी होता है जहाँ बार-बार उठना संभव न हो? क्या हमेशा लड़ते रहना ज़रूरी है?
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Varsha_6193 18,092 ✨ 8 mahine pehle Jawab
कुछ लड़ाइयाँ छोड़ना भी समझदारी है। पर खुद को छोड़ना नहीं। रास्ता बदलें लक्ष्य नहीं।
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Mahesh_4827 14,134 ✨ 8 mahine pehle Jawab
बिल्कुल। हर बार उठने की ज़रूरत नहीं पर खुद पर भरोसा रखने की ज़रूरत हमेशा है।
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